baljindersaroay(25)•in #body•2692 days agoयूँ कहने को तो पहुँचा है ये इन्सां आस्मानों मेंयूँ कहने को तो पहुँचा है ये इन्सां आस्मानों में मगर इंसानियत फिर भी यहाँ बिकती दुकानों में नहीं किरदार अब बाकी यहाँ के हुक्मरानों में ज़मीं तो खा चुके नज़रें गड़ी ...11$0.00baljindersaroay(25)