अस्सलामू अलैकुम दोस्तों, मेरा नाम नुसरत है और मैं एक उर्दू टीचर हूं। मैने हाल ही में उर्दू से ग्रेजुशन पूरा किया है और अभी मैं अपने घर के पास ही मदरसे में बच्चों को पढ़ाती हूं। मुझे बचपन से ही टीचर बनने का बहुत मन था इसलिए मेरे अब्बू ने मुझे अच्छे मदरसे में दाखिला करवाया।

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दोस्तों ये मदरसा हमारे घर से 82 KM दूर था और जब भी मुझे छुट्टी मिलती थी तो बहुत खुशी होती थी। मेरे अब्बू हमेशा मुझे अपने गाड़ी से घर ले जाने के लिए आते थे। जब मैं पढ़ती थी तो मदरसे की जिंदगी बहुत बोरिंग लगती थी लेकिन अब जब मेरी पढ़ाई खत्म हो गई तो बहुत याद आती है मदरसे की जिंदगी और मेरे दोस्तों की भी बहुत याद आती है। अब तो मेरे बहुत से दोस्तो की शादी भी हो गई। लगभग 12 साल के बाद मैं इस मुकाम पर पहुंची के मैं अब बच्चों को पढ़ा सकती हूं। मुझे सच में इस बात की बहुत खुशी है और मेरे अम्मी अब्बू को मेरे ऊपर नाज भी है की मैंने उनका भी सपना पूरा किया।
दोस्तों मेरा Blurt.blog ज्वाइन करने का मकसद ये है कि जो कुछ भी मैं सीखी हूं उसके बारे मैं आप सब को भी बताऊं और अगर आप में से कोई भी इस पर अमल करते हैं तो मुझे इसका बदला जरूर मिलेगा। ऐसा मैं इसलिए बोल रही हूं क्योंकि अल्लाह ने फरमाया अगर तुम्हे कोई एक अल्फाज भी मालूम है जिससे कि दूसरों को फायदा हो या कोई सीख मिले तो उसे दूसरों तक पहुंचाने की कोशिश करो।
दोस्तों कल से मैं आप लोगों के साथ दीन और इस्लाम की बातों को साझा करूंगी और इंशा अल्लाह आपको मेरी बातें जरूर पसंद आयेगी।
शुक्रिया
नुसरत