आज के मॉडल भी क्या ख़ाक मॉडल हैं,
मॉडल तो हम हुआ करते थे, बचपन में ,
जब माँ के हाथ से बनी हुई स्वेटर पहन कर निकलते थे घर से
और
अपने मोहल्ले, दूसरे मोहल्ले और रिश्तेदारी में औरतें
खींच खींच कर आगे पीछे से टटोलतीं और
आपस में बात करतीं कि
हाँ आ गया समझ में
दो फंदे सुल्टे और तीन फंदे उल्टे .....
कसम से मॉडल वाली फीलिंग आती थी..।
😊😊😊😂😂😂