सच्चा प्यार

By @amit07297/12/2018love

यह कहानी है मुझ जैसे हज़ारो आशिक़ की जिन्होंने सच्चा प्यार किया तो सही लेकिन उन्हें बदले मै सिर्फ धोके के अलावा और कुछ नहीं मिला!
उसका नाम चंचल था और वो शहर ग़ज़िआबाद मोहल्ला वैशाली मै रहती थी! दोस्तों मै उसका अस्ली नाम नहीं बता सकता इसलिए चंचल एक काल्पनिक नाम है! चंचल मुझे एक शादी के फंक्शन मै मिली थी! पहेली बार देखते ही मझे उससे प्यार हो गया था! मै पूरी शादी के फंक्शन के दौरान सिर्फ उसे ही देख रहा था! कुछ टाइम देखने के बाद मैंने महसूस किया की वो भी मुझे गुस्से से देख रही है शायद उसे पता लग गया था की मै उसे बहुत देर से देख रहा हु! उसके मेरे तरफ देखते ही मै उससे नजरें चुराने लगा वो भी इसी डर से शायद वो मझे सुना ना दे या मझे थप्पड़ वगेरा ना मार दे! दोस्तों मेरे मन मै अब एक कस्माकास्क सी होने लगी और मै सोचने लगा की मै इससे बात करू तो कैसे करू और अपने दिल की बात उसे बताओ तो कैसे! जैसे तैसे थोड़ी हिम्मत झुटा के मै उसके पास गया और पूछा की मै आपसे 2 मिनट बात कर सकता हु अगर आपको कोई ऐतराज़ ना हो! उसने मुस्कराते हुए बोला हा जी बोलिये! मैंने आजतक ऐसे किसी लड़की से बात नहीं की थी इसलिए मै कुछ ज्यादा ही हकलाने लगा उसके सामने! मैंने अपनी हकलाती हुई धीमी आवाज से पूछा उससे की आपका नाम क्या है तो उसने बोला क्यों पूछ रहे हो मैंने कहा जी बात करने से पहले अगर आपका नाम पता लग जाये तो बात करने मै आसानी होगी! फिर उसने ये सुनके अपना नाम चंचल बताया और उसने भी मेरा नाम और क्या बात करनी है आपको पूछा! अब थोड़ी हिम्मत बात करने की मुझ पर भी आ चुकी थी इसलिए मैंने उससे कहा जी आप मुझे बहुत अच्छे लगे क्या आप मुझसे दोस्ती करोगी! यह सुनके उसने साफ़ मना कर दिया और कहने लगी मै अंजानो से दोस्ती नहीं करती! तो मैंने कहा अब हम एक दूसरे का नाम जानते है तो अब हम अनजान कहा! और साथ मै मैंने कहा जी अगर आप फिर भी मुझसे दोस्ती नहीं करना चाहते तो कोई बात नहीं जैसे आपकी मर्जी! बस मैंने जाते जाते उसे अपनी फेसबुक आईडी जरूर देदी थी! और कहा अगर आपको बाद मै ऐसा लगे की मै आपकी दोस्ती के काबिल हु तो आप मुझे मेरी फेसबुक आईडी पर रिक्वेस्ट भेज सकते हो! यही कहे के मै शादी से घर चला गया! कुछ दिन बीतने के बाद उसकी मुझ पर रिक्वेस्ट आयी दोस्तों उम्मीद तो थी नहीं की उसकी रिक्वेस्ट आयएगी लेकिन आ गयी! फिर मैंने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करी और अनजान बनते हुए कहा आप कौन तो उसने कहा जी मै चंचल आपको शादी मै मिली थी भूल गए क्या इतनी जल्दी मैंने कहा नहीं मै तो बस मजाक कर रहा था ! फिर मैंने कहा आज इस गरीब की याद कैसे आ गयी आपको तो उसने कहा जी बस आ गयी! ऐसे ही रोज हम फेसबुक पर बाते करते रहे और कब उसे भी मुझसे प्यार हो गया उसे भी पता ना चला! फिर एक दिन हमने मूवी का प्लान बनाया और मूवी देखने गए मैंने वो पूरा दिन उसी के साथ बिताया और अब मै उससे अधिकतर मिलते रहता था वो मुझे आई लव यू बोलती और मै भी उसे आई लव यू 2 बोलता था और वो हमेसा मुझसे बोलती रहती थी की कभी मुझे धोखा मत देना वरना मै जी नहीं पाऊँगी ! मै भी उससे बोलता जान फ़िक्र मत करो मै तुम्हे कभी भी धोखा नहीं दूंगा ऐसे ही ना जाने कितने लाखों वादे हम दोनों के बिच हुए होंगे ! सब कुछ अच्छा चल रहा था फिर एक दिन जब मै उसे फ़ोन करने लगा तो उसका फ़ोन बिजी आने लगा मुझे लगा अपनी किसी रिलेटिव या फ्रेंड से बात कर रही होगी तो मैंने इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और बाद मै खुद उसकी कॉल मुझे आ गयी और हमने बात की! अब उसका फ़ोन मुझे रोज बिजी बताने लगा बाद मै ज़ब उसका कॉल आता तो कहती मेरी स्कूल फ्रेंड रितिका का फ़ोन था! कभी कभी ऐसा भी होने लगा था की वो मेरे से बात करते करते एक दम मेरा फोन बिजी मै यह कहे के रक देती थी की रितिका का फोन है 2 मिनट! अब मुझे उस पर कुछ शक होने लगा और मै यह नहीं समाज पा रहा था की मेरा शक करना जायज है की नहीं फिर भी मैंने मन बना लिया की नेक्स्ट टाइम जब भी मिलूंगा उससे तो उसकी कॉल डिटेल देखूंगा ! दोस्तों मुझे नहीं पता था की मै जो कर रहा हु सही कर रहा हु या गलत लेकिन मुझे इस बार उसकी कॉल डिटेल जरूर देखनी थी क्युकि पहले हम जिस टाइम पे बात करते थे अब उस टाइम पे बात नहीं होती थी और उसका फ़ोन भी बिजी मिलता था पूछने मै बोलती थी रितिका का फ़ोन था! अब मैंने उससे मिलने का प्लान बनाया और चुपके से उसके मोबाइल की कॉल details dekhi और एक नंबर मेरे सामने आया जिस नंबर पे उसकी सबसे ज्यादा बात की थी पूछने मै बताया रितिका का नंबर है जब मैंने ट्रू कॉलर पर नंबर सर्च किया तो नंबर किसी आर्यन नाम के लड़के का था फिर मैंने थोड़ा सकती से पूछा तो उसने बताया की वो सिर्फ उसका दोस्त है मैंने कहा तो पहले झूठ क्यों बोला की रितिका है तो कहने लगी मै डर गयी थी! मैंने कहा नेक्स्ट टाइम से मुझसे सिर्फ सच बोलना तो उसने कहा ओके ! लेकिन मेरे मन मै शक अभी भी था और फिर मैंने उसकी जासूसी की जासूसी करना किसी की गलत बात है फिर भी मैंने की क्युकि मुझे सिर्फ सच जानना था कुछ दिन जासूसी करने के बाद मैंने उसे एक लड़के के साथ हाथ मै हाथ डालते हुए घूमते देखा और मुझ पर रहा नहीं गया और मै उसके सामने चले गया मुझे देखते ही उसके चेहरे का रंग उड़ गया था मैंने पूछा कौन है ये तो उसके बोलने से पहले ही वो लड़का बोल पड़ा ये गर्लफ्रेंड है मेरी तू कौन तो मैंने कहा मै कोई भी लेकिन तेरे नाम क्या है उसने जैसे ही अपना नाम आर्यन बताया वैसे ही सब सच का सच और झूठ का झूठ मेरी आँखों के सामने था ! फिर और कुछ ना पूछते हुए मै वहा से चला गया और उस दिन से लेके मैंने आजतक उससे बात नहीं की ! बस उसने मुझसे एक बार फ़ोन पे कहा था सॉरी और हो सके मुझे माफ़ karna मैंने उससे बस इतना कहा की बस एक बार आई लव यू की जगह आई हेट यू बोल देती मगर इस तरह धोखा नहीं देती तो अच्छा होता बस यही बोल के मैंने फ़ोन कट कर दिया !
दोस्तों क्यों लोग एक दूसरे के दिल से खेलते है अगर किसी के पास कोई जवाब हो तो जरूर मुझे बताना
धन्यवाद ! image

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