होली में कुछ ज्यादा ही पी ली।

By @akdx3/5/2026hive-155986

नमस्कार दोस्तों!

(pixabay free image)

होली मेरे मनपसंद का त्योहार है। इसमें खूब दारू पियो, मुर्गा बकरा चेपो और मस्ती करो। हम लोगों का यही काम रहता है। कल होली को हमने खूब दारू पी। इतना ही काफी नहीं था तो ठंडाई भी पी ली। उसमें भांग मिली हुई थी। इस तरह से रही सही कसर भी दूर हो गई। पर होली के उन्माद में तो पता नहीं चलता। अगले दिन लेने के देने पड़ जाते हैं।

आज तो पूरा सर भारी था। दिमाग लग रहा था कहीं किसी और ही लोक में पहुंचा हुआ था। बिल्कुल कुत्ते जैसी हालत हो रखी थी। मैंने कई तरीके आजमाए पर दिमाग दुरुस्त नहीं हो रहा था। एक तो दिमाग पहले ही भन्नाया हुआ था उसके ऊपर बीबी ने इतनी जली कटी सुनाई कि सारा नशा उतर गया। रही सही कसर उसने नीले ड्रम दिखाकर पूरी कर दी। जो काम नींबू, ठंडा पानी नहीं कर सके वो बीबी ने कर दिखाया। ये बिल्कुल किसी कवि ने सही कहा था कि वो स्त्री है कुछ भी कर सकती है। आज बीबी ने नशा उतार दिया। कल को वो मुझे भी उतार सकती है। घर में नीला ड्रम आ चुका है। हिन्दू खतरे में है दोस्तों। 😢😢😢

Ye post bhi main bibi se chhupkar likh raha hun. kisi ko mat batana.

56

comments